13 June, 2010

apanee baat

अपनी बात 
पंजाबी मे एक कहावत है "जो सुख छजू दे चौबारे ओह[वो] न बल्ख ना बुखारे". कहीं भी घूम आओ मगर जो सुख अपने घर मे आ कर मिलता है वो कहीं नही।ापने वतन वापिस लौट आयी हूँ। एक बात बार बार मन मे आ रही है कि विदेश मे सब कुछ यहाँ से बडिया था मेरे बच्चे थे प्यारी प्यारी दो नातिनें थी जिन के साथ मन भी लगा हुया था मगर फिर भी अअने घर वापिस लौटने की जल्दी थी।क्या है इन दिवारों मे .इस मिट्टी मे जो गुरुत्व आकर्षण की तरह हमे खींचता है जब कि यहाँ हम दोनो बिलकुल अकेले हैं।अगर वहाँ का रहन सहन और वातावरण देखूँ तो वहाँ कई दर्जे अच्छा था।बच्चे चाहते थे कि हम और रहें मगर दिल्ली मे छोटी बेटी की डिलैवरी होने वाली थी और वहाँ भी एक और लक्षमी हमारा इन्तजार कर रही थी। 2 जून को हमारी फ्लाट थी 3 जून को हम दिल्ली पहुँचे और वहाँ 4 जून को मेरी छोटी बेटी के बेटी हुयी। तबीयत खराब होने की वजह से मै दिल्ली भी नही ठहर पाई और  5 रात को हम  देल्ही से ट्रेन दुआरा अपने घर नंगल पहुँच गये । मुझे शायद  अमेरिका का पानी माफिक नही बैठता पिछली बार भी मै वहाँ से बीमार हो कर आयी थी और इस बार भी।अभी आराम कर रही हूँ। बहुत दिनों से कुछ लिखा नही है वहाँ जा कर जैसे सब कुछ भूल गयी हूँ कोई कविता कहानी अभी मन मे नही आयी। अभी तो ऐसे लगता है जैसे अब कुछ लिख नही पाऊँगी। बहुत दिनो की अनुपस्थिती के चलते बस पोस्ट लिखनी है इस लिये ये कुछ शब्द लिख रही हूँ। अभी तबीयत ठीक होते ही छोटी बेटी के पास शायद दिल्ली जाना पडे। कुछ परेशानियों के चलते अभी कुछ दिन और शायद कुछ न लिख पाऊँ।एक तो गर्मी भी बहुत है, वहाँ बहुत ठंड थी इस लिये और भी मुश्किल लग रहा है। कुछ दिनो मे वहाँ के कुछ संस्मरण लिखूँगी अगर सेहत ठीक रही तो। ये चार शब्द केवल अपनी अनुपस्थिती को पूरा करने के लिये ही लिख रही हूँ। लिखने को बहुत कुछ है मगर शब्द और दिमाग साथ नही दे रहा।और फिर अपने दोस्त मित्र और रिश्तेदार मिलने के लिये आ रहे हैं उन सब के बीच भी लिखने का समय नही निकाल पा रही।आप सब को पढ कर शायद फिर से कलम चलने लगे।

40 comments:

दीपक 'मशाल' said...

मासी वाह इतनी सारी खुशखबरी साथ लाईं... आप घर आ गयीं ये जानकर अच्छा लगा.. पोस्ट तो कभी भी लगाइयेगा जब समय मिले.. 'ये गलियाँ ये चौबारा..' सुना था आज चौबारे का मतलब भी जान लिया आपसे.. :)

M VERMA said...

इस मिट्टी मे जो गुरुत्व आकर्षण की तरह हमे खींचता है
अपनी माटी अपनी माटी होती है.
स्वास्थ्य लाभ की शुभकामना

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

अपना घर हमेशा ही हमें अपनी ओर खींचता है।

संजय भास्कर said...

स्वास्थ्य लाभ की शुभकामना

संजय भास्कर said...

Ghar me luxmi aane ki bdhai...

Udan Tashtari said...

वाह! खुश हुए और शुभकामनाएँ दे रहे हैं. हमसे बिना मिले लौट गईं आप!

Apanatva said...

apane swasthy ka dhyan rakhiyega ...........
naneejee ko badhai.......

H P SHARMA said...

घर वापसी पर स्वागत है जी आपका.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बहुत-बहुत बधाई!
स्वागत भी और अभिनन्दन भी!

जी.के. अवधिया said...

स्वदेश वापस आने पर स्वागत् है आपका!

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

जी हाँ, अपने घर की बात ही कुछ और है. स्वास्थ्य का ध्यान रखिये. शुभकामनाएं.

बेचैन आत्मा said...

आपको पुनः अपने घर देख कर मन प्रसन्न हुआ. जहाँ तक लिखने की बात है तो यह हो ही नहीं सकता कि इंतनी लम्बी यात्रा के दौरान कोई विचार न आया हो ...मुझे विश्वास है कि अचेतन मष्तिष्क धीरे सक्रिय होगा और आपसे बहुत कुछ पढ़ने को मिलेगा.

डॉ टी एस दराल said...

वापसी पर स्वागत है निर्मला जी ।
पहले स्वास्थ्य लाभ कीजिये , फिर अपनी जिम्मेदारियां निभाइए ।
फिर आपसे आपके अनुभव सुनेंगे अमेरिका के ।
बधाई । और शुभकामनायें ।

विनोद कुमार पांडेय said...

माता जी नई खुशख़बरी के लिए बधाई अब भारत आ गई है तो निश्चित रूप से बाद में ही सही आप की कहानियाँ पढ़ने को मिलेगी...वैसे अभी आप अपना ख्याल रखिएगा....जब ठीक हो जाइएएगा तो ब्लॉग पर आइए...प्रणाम

रश्मि प्रभा... said...

swaagat hai....kalam to chalani hi hogi, hum padhne kee pratiksha me hain

दिलीप said...

swaagat hai...kalam chalana shuru kar dijiye ham log intzaar me hain...

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

कृपया टेम्पलेट बदलें, मेरे दो एमबीपीएस के कनेक्शन पर भी नहीं खुल पा रहा है...

संगीता पुरी said...

अपना घर सेवन स्‍टार होता है .. यहां जैसा सुख कहां ??

'अदा' said...

bahut khushi hui ki aap sakushal vapis pahuch gayi hain...filhaal aaram kijiye fir ..aapse bahut kuch sunana hai...
bharat mein aapka swaagat karte hain ham bhi...
aabhaar..

अजय कुमार said...

स्वागत है ,शीघ्र स्वस्थ होने की कामना ।

zeal said...

Get well soon..@};-

वन्दना said...

स्वास्थ्य लाभ की शुभकामना के साथ आपका स्वागत है……

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

आपको बिटिया की नानी बनने की बहुत बहुत बधाई.....स्वास्थ्य लाभ के लिए शुभकामनायें

दिगम्बर नासवा said...

आप वापस आ गये जान कर बहुत ही अच्छा लगा .. आपकी कमी हमें भी महसूस हो रही थी ... आशा है जल्दी ही स्वस्थ हो कर आपकी रचनाओं और कहानियों से अनुग्र्ेहित करेंगी ...

rashmi ravija said...

अपना घर तो अपना ही होता है....दो नातिनों के आगमन पर बधाई और दोनों को ढेर सारा आशीष....अपने स्वास्थ्य का ख़याल रखें और पूर्ण स्वस्थ होकर ब्लॉग जगत में लौटें...शुभकामनाएं

वाणी गीत said...

अपना घर है सबसे प्यारा ..
शीघ्र स्वास्थ्यलाभ करें ...आपकी कमी बहुत महसूस होती रही ...
एक बार फिर से नानी बनने की ढेरों शुभकामनायें ...!!

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

congratulations much...and take care of urself aunty ji

kshama said...

Bahut khushi hui ki,aap laut aayin!
Dekha,kitne patahk mitr aapka intezaar kar rahe the! Kitna achha lagta hai!

उन्मुक्त said...

जल्दी ही ठीक होकर लिखना शुरू करें।

संपादक said...

aapke swasthya ke prati shubhkamnaen....

NANI banne ki badhai....

aapki rachnaon ka swagat hai....
kalamdansh@gmail.com

ajit gupta said...

निर्मलाजी, पहले अपना स्‍वास्‍थ्‍य ठीक कर लें, फिर बलागिंग शुरू करें। यहाँ भी गर्मी पड़ने लगी है। लेकिन शाम को मौसम खुशनुमा हो जाता है।

अनामिका की सदाये...... said...

tripple nani banNe ki badhayi & get well soon.

रचना दीक्षित said...

बहुत-बहुत बधाई!
स्वागत और अभिनन्दन

arvind said...

आप घर आ गयीं ये जानकर अच्छा लगा.. स्वागत और अभिनन्दन

JHAROKHA said...

आप जल्द से जल्द स्वस्थ हो जायें ईश्वर से यही प्रार्थना है----आपके अमेरिका यत्रा संस्मरण का बेसब्री से इन्तजार रहेगा।

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

सही कहा आपने...जो सुख छज्जू दे चौबारे ओ बल्ख न बुखारे यानि अपना घर अपना घर ही होता है..चाहे इन्सान सारी दुनिया घूम ले लेकिन जो सुख, शान्ती घर आकर मिलती है वो कहीं नहीं...बहरहाल अभी स्वास्थय की ओर ध्यान दीजिए..लिखना,पढना तो चलता ही रहेगा....

ज्योति सिंह said...

bilkul satya kathan ,koi do rai nahi is baat par .swagat hai wapsi par

Sadhana Vaid said...

Aap jaldi se theek ho jaiye ! apaki rachanaon ka badi besabri se intzar rahata hai ! Kal Ajit Guptaji se baat hui thi ! Jaldi hi milane ka program banayenge ! Nani banane ke uplakshy men ek baar pun: apko dher sari badhaiyan ! Get well soon.

AKHRAN DA VANZARA said...

स्वदेश वापिसी की हार्दिक बधाई ...
आप शीघ्र स्वस्थ हो प्रभु से यही विनती है ...

AKHRAN DA VANZARA said...
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