30 December, 2009

सन 2009  तेरा शुक्रिया

वर्ष 2009 का जाते हुये धन्यवाद न करूँ तो ये कृ्त्घ्नता होगी। अगर मैं कहूँ कि ये साल मेरी ज़िन्दगी का सब से खूबसूरत और खुशियाँ देने वाला साल रहा तो गलत न होगा। प्यार रिश्तों का मोहताज़ नहीं होता। अन्तर्ज़ाल जैसी आभासी दुनिया मे भी रिश्ते कैसे फलते फूलते हैं ये महसूस कर अभिभूत हूँ।
जो प्यार और सम्मान मुझे इस साल मे मिला है उसकी तुलना  दुनिया की किसी भी दौलत से नहीं की जा सकती ।। इस ब्लाग जगत ने मुझे अथाह प्यार दिया है, जिस मे अपने सब दुख तकलीफें अकेलापन यहाँ तक कि अपनी बिमारी भी भूल गयी हूँ। सब से बडी उपल्ब्धि मुझे दो भाईयों का प्यार बहुत मिला है। बडे भाई साहिब श्री प्राण शर्मा जी ने जो स्नेह और आशीर्वाद मुझे दिया है उससे मेरी ऊर्जा कई गुना बढ गयी है । आज कल किस के पास इतना समय है। वो मुझे गज़ल ही नहीं सिखाते और भी बहुत अच्छी अच्छी बातें सिखाते  हैं । उनसे बात करके हमेशा खुद को पहले से सबल पाया है। जब मैने गज़ल सीखनी शुरू की तो मैं कहती थी कि मुझे कभी भी गज़ल लिखनी नहीं आ सकती मगर उन्होंने मुझे हमेशा उत्साहित किया। बेशक अभी अधिक अच्छी गज़ल कह नहीं पाती मगर गज़ल के गुर सीख रही हूँ। जब ब्लागिन्ग शुरू की थी तब मुझे कविता और गज़ल मे अन्तर नहीं पता था मगर भाई साहिब के स्नेह, पेशैंस और आशीर्वाद ने सीखने की राह आसान कर दी। उनकी ऋणी हूँ। उसके बाद छोटे भाई श्री पंकज सुबीर जी 01 ने मुझे *दी* कह कर अपने स्नेह मे बाँध लिया है। 1973 और 1983 मे दो भाई खोये थे और 2009 मे दोनो को पा लिया इससे बडी उपल्ब्धि और क्या हो सकती है। इसके बाद राज भाटिया जी ने भी यही सम्मान मुझे दिया। यूँ तो और बहुत से नाम हैं मगर इन से जो प्यार और सहयोग मिला उस की मिसाल नहीं है। दूसरी सब से बडी उपल्ब्धि है मुझे अर्श { प्रकाश सिंह अर्श} जैसा बेटा मिला इस के बारे मे इतना ही कहूँगी कि वो मेरी हर मुश्किल का हल है और मेरे हर सवाल का जवाब है,  हर दुख ,सुख उस से कह लेती हूँ। फिर अच्छे बच्चों की तरह मुझे मश्विरा देता है ।हाँ मेरी गलती पर मुझे डाँट भी देता है।--- मुझे शब्द नहीं सूझ रहे कि उसके लिये क्या कहूँ। इसके बाद दीपक मशाल ने मुझे बहुत सम्मान दिया। यहाँ तक कि वो मुझ से मिलने मेरे पास नंगल भी आये। उसका प्यार और सम्मान पा कर अभिभूत हूँैआज के युग मे ऐसे बच्चे मिलना सच मे बहुत मुश्किल है। इसके बाद मुझे  प्रकाश  गोविन्द जी मिले उनकी क्या कहूँ बस निशब्द हू। इन बच्चों के संस्कार देख कर इनके माँ बाप को सलाम करती हूँ। प्रकाश गोविन्द जी ने मुझे बहुत कुछ सिखाया और हमेशा बहुत कुछ करने की प्रेरणा भी दी मगर मैं ही नालाय्क हूँ अभी तक उन  आपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी।इसके अतिरिक्त दर्पण शाह , ने भी बहुत सम्मान दिया है। एक नाम जो मैं बडे गर्व के साथ लेना चाहूँगी वो गौतम राज रिशी जी का है उनके सम्मान और प्यार के लिये भी उनकी ऋणी हूँ। मिथिलेश दुबे छोटे बच्चों की तरह मुझ से बहुत प्यार करता है। कुलवन्त हैपी, लोकेन्द्र विक्रम सिंह  अर्विन्द, धीरज शाह  महफूज़,प्रवीण पथिक, रविन्द्र्,    इम सब ने मुझे बेटोंजैसा प्यार और सम्मान दिया। एक नाम जिस ने एक दम मेरे सामने उपस्थित हो कर मुझे हैरान कर दिया वो थे श्री अकबर खान राणा जी ।मुझे कहते कि आपका आशीर्वाद लेने आया हूँ सोचिये उस समय मेरी खुशी का कोई ठिकाना था?। आज कह सकती हूँ प्यार रिश्तों का मोहताज नहीं होता मुझे ये सभी बेटे अपनी लगते हैं। शायद अपना होता तो कभी पूछता भी नहीं। इसके बाद अपनी बेटियों का नाम भी लेना चहूँगी। एडी सेहर, विनीता यशस्वी, कविता रावत , रश्मि रविज़ा,कविता राजपूत वाणी जी । लडकियाँ मा के लिये इतनी चिन्तित रहती हैं कि अगर दो तीन दिन नेट पर नज़र न आऊँ तो लम्बी सी मेल आ जाती है। इन सभी बच्चों को बहुत बहुत आशीर्वाद
       एक उल्लेखनीय नाम और लेना चाहूँगे जिस से मुझे कुछ और अधिक काम  करने की प्रेरणा मिलती है वो है अनुज खुशदीप सहगल कभी मिली नहीं मगर मिलूँगी जरूर रिश्ता पता नहीं मगर मेरे मन से हर वक्त आशीर्वाद निकलता है उन के लिये, तो लगता है मेरे बेटे जैसे ही हैं। मुफ्लिस जी, दिगम्बर नास्वा जी पंकज मिश्रा जी , श्रीश पाठक जी, स्वपनिल भारतीयम् .निशू तिवारी,अनिल कान्त जी , ओम आर्यजी इन सब की भी आभारी हूँ कि समय समय पर मुझे अपने स्नेह से उत्साहित करते हैं। नीरज गोस्वामी जी ,दिनेश राय दिवेदी जी  की भी आभारी हूँ। स. पावला जी की बहुत आभारी हूँ मुझे पंजाबी लिखने मे जो समस्या आती है उसका हल उनके पास होता है। अगर श्री आशीश खन्डेलवाल जी का नाम न लूँ तो शायद सब से बडी भूल हो जायेगी। मुझे ब्लाग के बारे मे बहुत कुछ उन्होंने सिखाया है। चाहे वो व्यस्त भी रहे हों मै झट से उन्हें बज़ कर देती और चुटकी मे मेरी समस्या हल कर देते।
उपर तो उन लोगों की बात हो रही थी जिन से मेल या चैट दुआरा सम्पर्क मे रहती हूँ । इसके अतिरिक्त मेरे पाठक  जो मुझे अपनी प्रतिक्रियाओं से उतसाहित करते हैं उनकी बहुत बहुत आभारी हूँ। मैं अलपग्य कुछ भी नहीं थी मगर मेरे पाठकों ने मुझे सिर आँखों पर बिठाया। श्री रविन्द्र प्रभात जी के ब्लाग *परिकल्पना* से जब पता चला कि मेरा नाम उन नौं देवियों मे है जिनके ब्लाग इस साल चर्चा मे रहे और आगे रहे। इस से मेरा उत्साह बढा है। उनका आभार ।
   ये सब लिखने का मेरा एक मकसद ये भी है कि प्रोत्साहन इन्सान को आगे बढने की शक्ति देता है । आओ सब पिछले सब झगडे भूल कर नये साल मे ब्लाग जगत मे प्रेम की परिभाषा  सीखें और नये आने वाले शब्दशिलपियों को प्रोत्साहित करेंमैने अपने शहर से भी दो नये ब्लागर्ज़ बनाये हैं। एक राकेश वर्मा जी{ http://akhrandavanzara.blogspot.com/} aur doosare Sanjeev kuraalia jee{ http://kalamkakarz.blogspot.com/}  }इन्हें भी अपना आशीर्वाद दें। ये मेरे इस साल का लेखा जोखा है। मेरी उपल्ब्धियों का और जो प्यार मैने ब्लाग जगत से पाया है। सभी का धन्यवाद।ये  सब मेरे दामाद ललित सूरी  जी की वजह से हुया है। उसे भी बहुत बहुत आशीर्वाद ।
  नये साल की सब को बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें। मेरे बच्चों को आशीर्वाद। दो तीन दिन ब्लाग से दूर रहूँगी। चार पँक्तियाँ नये साल के लिये

नये साल ऐसे तराने सुनाओ
लुटाओ खुशी के खज़ाने लुटाओ

चलो अब मिटा दें गिले सब पुराने
मिलन के कोई तो बहाने बनाओ

न जात और धर्मों का बन्धन रहे
उठो नफरतों के ठिकाने मिटाओ

कहो बात वो प्यार बढता रहे
अंधेरे घरों मे दिये से जलाओ

68 comments:

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

आपकी शुभेच्छा में मैं भी शामिल हूं.

Arvind Mishra said...

नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं !

मथुरा कलौनी said...

पूरे साल पर एक विहंगम दृष्टि डाल कर नये साल का स्‍वागत करना बहुत अच्‍छा है। 2010 में आपके साथ सब अच्‍छा अच्‍छा ही हो।

शुभ‍कामनाऍं

अफ़लातून said...

इस उत्साह को नए साल में नयी उर्जा के साथ बनाये रखें
- अफ़लातून

ललित शर्मा said...

आपको नव वर्ष की शुभकामनाएं।

Suman said...

nice

परमजीत बाली said...

आपको नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।

जी.के. अवधिया said...

यही तो विशेषता है हिन्दी ब्लोग की कि हम सब के बीच एक अनोखे स्नेह का रिश्ता कायम कर दिया है।

नववर्ष आपके लिये शुभ हो!

विनोद कुमार पांडेय said...

Mata ji ek bete ko bhul gai..ham bhi aapke sneh aur aashirwaad me bade hai aur aaj tak kuch na kuch sikh hi rahe hai.snhe banaye rakhe ...sadar prnaam

naye saal ki hardik shubhakamnayen!!!

रंजना [रंजू भाटिया] said...

नया वर्ष आपके लिए और भी ढेर सारी खुशियाँ लाये आप यूँ ही सबकी प्रिय बनी रहे और स्वस्थ रहे यही दुआ करेंगे

शोभना चौरे said...

itne nye rishto ke sath nya sal me aur nye rishto ki bhar ho .shubhkamnaye

दिगम्बर नासवा said...

आमीन ......... आपने स्नेह का पात्र मैं भी हूँ, ये जान कर बहुत अच्छा लग रहा है ......... आप बहुतों को प्रेरणा देती हैं, ये आपकी खूबी है ......... प्यार का खजाना लुटाना आसान नही होता पर आप दोनो हाथों से उसे लौटाती हैं ......... आपको नये साल की बहुत बहुत शुभकामना ..........

अशोक कुमार पाण्डेय said...

नव वर्ष की शुभकामनायें

श्रीश पाठक 'प्रखर' said...

"जस की तस धर दीनी चदरिया .."

नव वर्ष की अन गिन शुभकामनायें...!

उन्मुक्त said...

यदि आपने इन लोगों का लिंक दिया होता तब और भी अच्छा होता।
आपको भी, नये साल की शुभकामनायें।

बवाल said...

बहुत ही सुन्दर ढ़ंग से दर्शाया गया अपनापन है आपकी इस पोस्ट में, जी। आपको नववर्ष की शुभकामनाएँ।

राज भाटिय़ा said...

आप को इस साल की तरह अगला साल भी ऎसे ही खुशियो भरा आये,बहुत अच्छा लगा, आप के प्यार जताने का यह तरीका. धन्यवाद

निर्मला कपिला said...

विनोद जी क्षमा चाहती हूँ। सच मे आपको भूल ही गयी आपको क्या अपनी दो ऐसी बहनो को भी भूल गयी जिनसे रोज़ नहीं तो 2-3 दिन बाद बात करती हूँ वो हैं रंजना भाटिया जी और वन्दना गुप्ता जी। उन से भी क्षमा चाहती हूँ। और भी कुछ लोगों को भूल गयी हूँ उनसे भी क्षमा चाहती हूँ

मनोज गौतम said...

चलो अब मिटा दें गिले सब पुराने

मिलने के कोई तो बहाने बनाओ


बहुत ही उच्च स्तरीय बिचार एवं अभिव्यक्ति आपने प्रसतुत की है । धन्यवाद !

प्रवीण शुक्ल (प्रार्थी) said...

prnaam maa aap ka pyaar aur sneh dekh kar gadgad hun
nav barsh ki harsdik shubh kaamnaye
saadar
praveen pathik
9971969084

creativekona said...

नववर्ष के स्वागत में बहुत सुन्दर पंक्तियां लिखीं आपने---आपको भी नूतन वर्ष मंगलमय हो।
हेमन्त कुमार

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

आप के इस स्नेह का कोई जवाब किसी के पास नहीं है। सकारात्मक सोच के लोग बुरी से बुरी परिस्थिति में भी अच्छाई सोच लेते हैं और घटनाओँ से प्राप्त सीख को दुनिया को बता देते हैं।

Mithilesh dubey said...

माँ जी चरण स्पर्श

बस आप यूं ही खुश रहें और प्यार बरसाती रहें , । भगवान से दुआ करता हूँ की आने वाला नव वर्ष आपके लिए खुशियों की शौगात ले के आये ।

arvind said...

आपको नव वर्ष की शुभकामनाएं।

डॉ टी एस दराल said...

निर्मला जी, इतना बड़ा ब्लॉग परिवार पाने पर हार्दिक बधाई।
ये ब्लॉग जगत है ही ऐसा की अपने आप रिश्ते बन जाते हैं , अनदेखे लोगों से।
वैसे आदर और पारस्परिक सम्मान बना रहे , आज इस की बहुत ज़रुरत है।
नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें।

"अर्श" said...

उपलब्धि आप मुझे पाकर खुश हैं और इसी नाम पर मैं आपको पाकर खुश हूँ, बस इतना ही नहीं ये है के मैं भाग्यशाली मान रहा हूँ के आप मुझे माँ स्वरुप मिली ... आप हमेशा ख्हुश और स्वस्थ्य रहे यही भगवान् से सदा प्रार्थना करता हूँ ... आप ग़ज़ल लेखन में खूब आगे जाएँ ... बस कुछ ही दिनों में आपने बहुत कुछ सिखा है ग़ज़ल लेखन में , मैं आश्चर्यचकित तो इस बात पे होता हूँ के इस उम्र में भी आपकितनी उर्जावान हैं और निरंतरता है आपके लेखन में , आदरणीय प्राण शर्मा जी के सानिध्य में आप अछि ग़ज़ल लिख रही हैं , गुरु देव पंकज सुबीर जी से भी आप ग़ज़ल के गुर सीखती रहती है , इन सभी बातों से यही पता चलता है के आप में सिखने की कितनी ललक है , और लेखन में यही सर्वोपरि बात है ... अंतरजाल ने वाकई अछे लोग दिए हैं जिसकी अप आभार ब्यक्त कर रही है ... अछि बात है वरना लोग ऐसा मानाने से इनकार करते हैं...
नव वर्ष आपके लिए ख़ुशी , बेहतर स्वस्थ्य , और अधिक ऊर्जा प्रदान दे....

आपके आशीर्वाद के तले
आपका
अर्श

पंकज सुबीर said...

अच्‍छे लोगों को सब अच्‍छे ही लगते हैं । दी आप स्‍वयं इतनी अच्‍छी हैं कि आपको सब अच्‍छे लगते हैं । आपका व्‍यवहार अपने आप में अनोखा है । वास्‍तव में साहित्‍य कार के लिये सबसे पहली शर्त होती है कि वो विनम्र हो । आपके पास तो विनम्रता का भंडार है । इसी कारण जो भी आपके संपर्क में आता है वो आपसे एक पारिवारिक रिश्‍ता सा मेहसूस करने लगता है । जो लोग इत्र का व्‍यापार करते हैं उनके हाथ हमेशा खुश्‍बुओं से भरे होते हैं । आप भी चूंकि नेह बांटने का काम करती हैं इसलिये आपके दामन में नेह की महक हमेशा रहती है । आपको भी नये साल की शुभकामनाएं ।
आपका अनुज सुबीर

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

चलो अब मिटा दें गिले सब पुराने
मिलने के कोई तो बहाने बनाओ ।।

कितनी सुन्दर बात कही आपने.......
लाजवाब रचना!
नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाऎँ!!!!

मनोज कुमार said...

इस आलेख और ग़ज़ल के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद
आपको नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।

sanjeev kuralia said...

बहुत बहुत आभार .....मैडम ..बहुत कमाल लिखा है आपने, आपकी इस रचना के बहाने आप के उस विशाल परिवार से भी मिलना हो गया जो सबके नसीब मैं नहीं होता,आपका सनेह, आपका प्यार हमेशा हमारे लिए प्रेरणा श्रोत रहा है ,आपको आपके विशाल परिवार के सभी सदस्यों को तथा खास आदरणीय श्री कपिला साहिब को नव वर्ष की ढेरों शुभकामनायें !

Udan Tashtari said...

थोड़ा बहुत स्नेह इधर भी बरस जाये तो धन्य समझेंगे.




यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि आप हिंदी में सार्थक लेखन कर रहे हैं।

हिन्दी के प्रसार एवं प्रचार में आपका योगदान सराहनीय है.

मेरी शुभकामनाएँ आपके साथ हैं.

नववर्ष में संकल्प लें कि आप नए लोगों को जोड़ेंगे एवं पुरानों को प्रोत्साहित करेंगे - यही हिंदी की सच्ची सेवा है।

निवेदन है कि नए लोगों को जोड़ें एवं पुरानों को प्रोत्साहित करें - यही हिंदी की सच्ची सेवा है।

वर्ष २०१० मे हर माह एक नया हिंदी चिट्ठा किसी नए व्यक्ति से भी शुरू करवाएँ और हिंदी चिट्ठों की संख्या बढ़ाने और विविधता प्रदान करने में योगदान करें।

आपका साधुवाद!!

नववर्ष की बहुत बधाई एवं अनेक शुभकामनाएँ!

समीर लाल
उड़न तश्तरी

saraswat shrankhla said...

कभी हम याद आएंगे उन्हें भी
कभी वो सोचकर देखेंगे हमको
कभी हम उनके दिल में भी रहेंगे
कभी आशीष देंगे वो भी हमको



नववर्ष की असंख्य शुभकामनाएं स्वीकारें।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बढ़िया पोस्ट है जी!
हम तो अपना नाम ढूँढते ही रह गये।
नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें !

Dr. Smt. ajit gupta said...

निर्मला जी
इन दिनों बच्‍चे आये हुए थे, इस कारण ब्‍लाग जगत से दूरी बन गयी थी। आज कुछ समय निकालकर ब्‍लाग खोला और सीधे ही आपके ब्‍लाग पर चले आयी। आपकी पोस्‍ट अच्‍छी लगी बस आपके चाहने वालों में हमारा नाम भी डाल लीजिए। कभी उदयपुर आइए, अपना ही परिवार समझ कर।

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

happy new year..

sangeeta swarup said...

निर्मला जी ,

इस वर्ष के आपके लेखे जोखे से मुझे भी बहुत प्रेरणा मिली है....
बहुत खूबसूरती से आपने सबको याद किया है....बधाई

नव वर्ष की शुभकामनायें

संगीता पुरी said...

आपको भी नववर्ष की शुभकामनाएं !!

बी एस पाबला said...

आपने याद कर स्नेह दिया
आभार

बी एस पाबला

AAKASH RAJ said...

आपको हमेशा ऐसे ही ढेर सारी खुशियाँ और प्यार मिलता रहे ......................
नव वर्ष की ढेर सारी शुभकामनायें

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...

आपके लिए हर नामांकित हिन्दी लिखनेवाले ब्लोगरों के प्रति स्नेह दर्शाने में हम भी आपके संग
शामिल हैं निर्मल कपिला जी
और
आपके समस्त परिवार को ,
नव - वर्ष की मेरी हार्दिक
शुभ कामनाएं भी प्रेषित कर रही हूँ
- लावण्या

वाणी गीत said...

आपने अपने स्नेह बंधन में ऐसा बांध लिया है ....आपका स्नेह और आशीष हम पर हमेशा ऐसा ही बना रहे ...बहुत आभार व शुभकामनायें ...!!

खुशदीप सहगल said...

जिसको कभी हमने देखा ही नहीं, उसकी सूरत क्या होगी, जाने क्या होगी,

ए मां, तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी, क्या होगी...

नया साल आप और आपके परिवार के लिए असीम खुशियां ले कर आए...

जय हिंद...

हिमांशु । Himanshu said...

इन स्नेह-संबंधों के बाद क्या शेष रह जायेगा !

नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें ।

AlbelaKhatri.com said...

haardik shubhkaamnaayen aapko aur aapke parivaar ko......

rashmi ravija said...

आपने तो बड़े धैर्य से सबको याद किया, इस नाचीज़ को भी........अभिभूत हूँ मैं,आपने शुरुआत से ही मेरा उत्साह बढाया...और लिखते रहने की प्रेरणा दी...आप जैसे लोगों की ही ब्लॉग जगत को जरूरत है.
नव वर्ष मंगलमय हो और आप ऐसे ही सब पर अपना ममता लुटाती रहें

chandrabhan bhardwaj said...

Nirmala ji,
naye varsh ki aapko bahut bahut shubh kamanayen aap swasth aur sanand rahen.

पी.सी.गोदियाल said...

निर्मला जी , आपको नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाये !

Mrs. Asha Joglekar said...

आपका २००९ बहुत सुंदर रहा और आपके कारण हमारा भी आापके ब्लॉग पर आकर हमेशा कुछ पाकर ही जाते हैं और आपकी टिप्पणियों से हौसला-अफजाई होती है । । २०१० भी आपके लिये स्वास्थ्य और खुशियां लेकर आये ।

Mrs. Asha Joglekar said...

आपकी गजल/कविता बहुत प्रेरक और खूबसूरत है ।

अल्पना वर्मा said...

निर्मला जी, आपको नव वर्ष की ढेर सारी शुभकामनायें.

डॉ. मनोज मिश्र said...

वर्ष नव-हर्ष नव-उत्कर्ष नव
-नव वर्ष, २०१० के लिए अभिमंत्रित शुभकामनाओं सहित ,
डॉ मनोज मिश्र

PRAN SHARMA said...

NOOTAN VARSH,2010 AAP AUR AAPKE
SAB CHAHETON KE LIYE HARAA-BHARAA
HO.

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं!

manu said...

नया साल आपको बहुत बहुत मुबारक हो निर्मला जी...
आया वर्ष आपके ब्लॉग को और भी समर्द्ध बनाए..

Meenu Khare said...

नव वर्ष की बहुत शुभकामनायें ...!!

धीरज शाह said...

माँ जी को प्रणाम ।
आप स्नेह आशीष हमारे लिये आशीर्वाद है।
आप को नया साल मुबारक हो।

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

नव वर्ष की अशेष कामनाएँ।
आपके सभी बिगड़े काम बन जाएँ।
आपके घर में हो इतना रूपया-पैसा,
रखने की जगह कम पड़े और हमारे घर आएँ।
--------
2009 के ब्लागर्स सम्मान हेतु ऑनलाइन नामांकन
साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन के पुरस्कार घोषित।

रावेंद्रकुमार रवि said...

नया वर्ष हो सबको शुभ!

जाओ बीते वर्ष

नए वर्ष की नई सुबह में

महके हृदय तुम्हारा!

महावीर said...

निर्मला जी, नया वर्ष आपके लिए हर खुशी लाये.
आपके ब्लोगी परिवार का विस्तार इसी प्रकार बढ़ता जाये. प्राण जी
और अन्य सभी शुभचिंतकों का स्नेह इसी तरह बना रहे.
नए वर्ष की शुभकामनाओं सहित
महावीर शर्मा

Devendra said...

जो गैरों को भी अपना बना ले वो महान होता है।
आपके इस पोस्ट में छुपे अपनेपन के भाव से मन प्रसन्न हो गया।
चलो अब मिटा दें गिले सब पुराने
मिलन के कोई तो बहाने बनाओ
--वाह क्या बात है!

Amit said...

पहली बार इस ब्लॉग पर आया ..अच्छा लगा.......

सर्वत एम० said...

नव वर्ष की मंगल कामनाओं के साथ आप के दरबार में हाज़िर हूँ. जो कविता आपने लिखी है (क्षमा चाहूँगा) उससे कहीं बेहतर वो रचना है जो गध में लिखी गयी है. आपने अपने मन के उदगार जितनी सरलता से रखे हैं, उनकी जितनी तारीफ की जाए कम है. अच्छे लोगों को अच्छे ही लोग मिलते हैं. आदरणीय शर्मा जी और पंकज सुबीर जी जो पुनीत कार्य कर रहे हैं उसकी भी सराहना शब्दों में नहीं की जा सकती. अर्श और दर्पण तो जैसे युग के प्राणी ही नहीं हैं. कहाँ मिलते हैं अब संस्कारवान युवा?
लम्बे समय बाद आपके ब्लॉग तक आ सका हूँ. इस अनुपस्थिति के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ. दरअसल मेरा काम कुछ इस तरह का है जिसमें अक्सर मुझे हफ्तों बहर रहना पड़ता है. लेकिन आप सभी को मैं कभी भूलता नहीं. भविष्य में भी यदि ऐसा हो तो मेरी मजबूरी का ख्याल कीजिएगा.

वन्दना अवस्थी दुबे said...

नव वर्ष की बहुत बहुत शुभकामनायें .आप तो हम सब की प्रेरणा हैं.

रंजना said...

SACH KAHA AAPNE...AABHASI DUNIYA KE YE NIRALE RISTE SACHMUCH HI BHAVUK KAR DIYA KARTE HAIN....

NAV VARSH KI ANANT SHUBHKAMNAYEN...ISHWAR KAREN YAH VARSH PICHHLE SE BHI BEHTAR HO....

ज्योति सिंह said...

aapko naye varsh ki haardik shubhkaamnaaye ,bata nahi sakti kitne dhyaan se is lekh ko padhti rahi ,aur aese kho gayi ki aankhe nam ho gayi ,aap to prerna hai ,misaal hai hum sabhi ke liye .rishte to vastav me dekha jaaye jo samvendanao ke hi hote hai .achcha bahut achchha laga aakar yahan .

संजय भास्कर said...

MUMMY JI KAISI KAI.......
SANJAY KO BHOOL GAI.......AAP

श्रद्धा जैन said...

चलो अब मिटा दें गिले सब पुराने
मिलने के कोई तो बहाने बनाओ

bahut hi sunder sher aur bhaav purn panktiyan

Nirmla ji
aapko bhi nav varsh ki mangal kaamnaayen

Kusum Thakur said...

चलो अब मिटा दें गिले सब पुराने
मिलने के कोई तो बहाने बनाओ

बहुत ही भावपूर्ण शेर है . बधाई!!

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